किसी भी देश का विकास तभी आर्थिक तौर पर मजबूत होता है जब उसने विदेशी निवेशकों का सुचारू रूप से निवेश होता है इसी तौर पर देखा जाए तो भारत में भी बहुत से देशों ने निवेश किए हैं जिससे भारत में बड़ी-बड़ी कंपनियों के आने से रोजगार की भी व्यवस्था देखने को मिल रही है चाहे वह सैमसंग हो एप्पल सोनी जगुआर पीटर इंग्लैंड लाइक मी royal Enfield जैसी विदेशी कंपनियां भारत में स्थाई तौर पर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं जिसे भारत को भी फायदे पहुंच रहे हैं इसके साथ ही साथ भारत में विदेशी कंपनियों के तहत फॉरेन इन्वेस्टमेंट हर साल बढ़ता रहता है FDI-Foreign direct investment ) यानी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारत में कुल विदेशी निवेश 27.37 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 2.05 लाख करोड़ रुपये) रहा है।

विदेशी निवेश क्या होता है?

जब भी देश में किसी भी बाहरी कंपनी के द्वारा कोई प्लांट या फैक्ट्री स्थापित की जाती है या फिर उसके लिए जो निवेश किया जाता है उसे हम विदेशी निवेश कहते हैं गत वर्ष जिस तरह से विदेशी निवेश में बढ़त देखने को मिली है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में भारत में विदेशी निवेशकों की संख्या में बढ़ावा देखने को मिल सकता है वर्तमान समय में भारत में विदेशी कंपनियों किस संख्या की बात की जाए तो यह लगभग 12:30 हजार के आसपास मानी जाती है प्रत्येक वर्ष यह देखने को मिला है किस देश के कई देश भारत में उसकी बाजार व्यवस्था से प्रभावित होकर निवेश करने को हमेशा तत्पर रहते हैं वर्तमान समय में सिंगापुर 17.41 अरब डॉलर के साथ भारत में निवेश करने के मामले में पहले नंबर पर चल रहा है।

भारत में विदेशी कंपनियों को फायदे

जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में बड़ी से बड़ी खेप आसानी से कब जाती है और यहां की बाजार व्यवस्था काफी सुदृढ़ है जिससे बाहर मूल हमेशा सही प्रभावित रहा है ऐसे में विदेशी कंपनियां भारत में निवेश क्यों करना चाहती हैं इसके कई फायदे होते हैं जिसे हम निम्नलिखित बताने जा रहे हैं

  • अन्य देशों की बनिस्बत भारत में मजदूरी कम है ऐसे में विदेशी कंपनियां अपने यहां के मुकाबले यहां पर सस्ता श्रम प्राप्त कर सकेंगे
  • सबसे बड़ा फायदा उनके लिए अपने देशों से ज्यादा विशाल बाजार व्यवस्था भारत में उपलब्ध है वह मिल जाएगी ऐसे में उनकी कंपनियों को आसानी से सामानों की खपत करने में फायदा होगा।
  • भारत में पूर्ण रूप से अन्य घटक जी उत्पादन के मौजूद हैं ऐसे में विदेशी कंपनियों को इसका फायदा प्राप्त हो सकता है।
  • बहुराष्ट्रीय कंपनी को मिलने वाले सरकारी नीतियों के तहत फायदे भी या विदेशी कंपनियां आसानी से उठा सकती हैं इसलिए यह भारत में व्यापार करने के लिए हमेशा से ही इच्छुक रहते हैं।

भारत में सबसे ज्यादा निवेश किन देशों का है

जैसा कि हम जान रहे हैं कि गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारत में पिछले वर्ष की तुलना 62% अधिक निवेश हुआ है जो कि अब तक का सबसे ज्यादा माना जाता है ऐसे में बहुत से ऐसे देश हैं जिन्होंने व्यापक तौर पर भारत में निवेश किया है जिसमें पहला नाम सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है वह मॉरीशस है क्योंकि सिंगापुर एक छोटा देश होते हुए अन्य देशों की तुलना में ज्यादा निवेश करने वाले देश की लिस्ट में पहले नंबर पर है है उसका कारण यह माना जाता है कि वहा हवाला के पैसे को वाइट करने का कार्य होता है ऐसे में हम उन सभी देशों की लिस्ट आप को दिखाने जा रहे हैं जिन्होंने भारत में अधिक से अधिक निवेश किया है।

निवेश करने वाले टॉप 10 देश की लिस्ट

  • सिंगापुर(17.41 ट्रिलियन डॉलर)
  • अमेरिका(13.82 ट्रिलियन डॉलर)
  • मॉरीशस (5.64 ट्रिलियन डॉलर)
  • यूएई (4.2 ट्रिलियन डॉलर)
  • केयामान आइसलैंड(2.79 ट्रिलियन डॉलर)
  • नीदरलैंड(2.78 ट्रिलियन डॉलर)
  • यूनाइटेड किंगडम (2.04 ट्रिलियन डॉलर)
  • जापान(1.95 ट्रिलियन डॉलर)
  • जर्मनी(667 मिलियन डॉलर)
  • सायप्रस (386 मिलियन डॉलर)

विदेशी निवेश में भारत की स्तिथि

जैसा कि हम जानते हैं कि भारत ने हमेशा से ही अपने विदेशी निवेशकों को अपनी बाजार व्यवस्था से आकर्षित किया है ऐसे में 2020 और 21 की रिपोर्ट ने जो कि संयुक्त राष्ट्र ने जारी की है उसमें भारत को विदेशी निवेश (FDI) मैं पांचवा स्थान प्राप्त हुआ है क्योंकि भारत में 64 अरब डॉलर एसबीआई के माध्यम से निवेश हुए हैं जोकि विदेशी निवेश के हिसाब से या विश्व में पांचवा सबसे ज्यादा निवेश माना जाता है इसके पीछे का कारण यह देखने को मिला है कि भारत में जो व्यापार व्यवस्था है वह काफी ज्यादा से दृढ़ है तथा उसके साथ-साथ विदेशी कंपनियों को भारत की बाजार व्यवस्था से अत्यधिक फायदा पहुंचता है।

भारत के कौन से राज्य में विदेशी निवेश अधिक होता है

(DPIIT)Department for Promotion of Industry and Internal Trade) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में विदेशी निवेशक सबसे ज्यादा आकर्षित कर्नाटक में होते हैं जहां पर उन्हें अपनी कंपनियों को स्थापित करने में काफी ज्यादा छूट प्रदान की जाती है ऐसे में यदि देखा जाए तो कर्नाटक भारत में प्रथम स्थान पर आता है जहां पर विदेशी निवेशक आकर्षित होते हैं साल 2021–22 में कर्नाटक में FDI इक्विटी प्रवाह में 45 प्रतिशत रहा है तो वही दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र 23 फ़ीसदी एफडीआई के साथ स्थापित रहा और तीसरे नंबर पर 12 प्रतिशत एफडीआई के साथ दिल्ली राज्य स्थापित रहा है। यही नहीं हर बार भारत में राज्यों में निवेश को लेकर प्रतिवर्ष 10 फ़ीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिलती है।

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9 thoughts on “Foreign Investment In India भारत में विदेशी निवेश:”

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