जैसा कि आप जानते हैं कि देश में बहुत से ऐसे देश हैं जो अपना अलग-अलग समूह बनाकर विश्व में अपनी एक अलग पहचान स्थापित करते हैं उन्हीं में से एक है BRICS यह ब्रिक्स भी एक प्रकार का 5 देशों का समूह है जिसमें BRAZIL,RUSSIA,INDIA,CHINA & SOUTH AFRICA शामिल होते है विश्व की कुल जनसंख्या का लगभग 40 से 45 फ़ीसदी जनसंख्या का प्रतिनिधित्व BRICS में शामिल देश करते हैं तथा उसके साथ साथ व्यापार जगत में भी इनकी लगभग 20% तक की हिस्सेदारी मानी जाती है तो आज हम इस Article के माध्यम से BRICS शिखर सम्मेलन विस्तृत तौर पर बताने का प्रयास करेंगे स्थापना के उद्देश्य के बारे में भी मुख्य रूप से बताएंगे तथा उसके साथ साथ आपको हम इन से संबंधित कुछ और महत्वपूर्ण जानकारियां भी बताएंगे जिससे यदि भविष्य में आपको कोई जानकारियां पानी हो तो हमारी इस लेख के द्वारा प्राप्त हो सके।

BRICS क्या है?

ब्रिक्स(BRICS) पांच महत्वपूर्ण देशों से मिलकर एक समूह के रूप में जाना जाता है जिसकी स्थापना सन 2009 को की गई थी इसका मुख्यालय शंघाई में स्तिथ है। इसमें सम्मिलित देश Brazil,Russia, India,China & South Africa है जोकि वैश्विक स्तर पर लगभग 20 से 30% की भागीदारी वर्तमान समय में विश्व पर रखते हैं BRICS को बनाने का इन देशों का मकसद यही था की या आपस में मिलकर समूह में शामिल सभी देशों को आर्थिक सामाजिक व्यापारिक वैश्विक स्तर पर एक दूसरे को सहायता प्रदान करेंगे जिससे यह देश और भी ज्यादा मजबूती से उभरेंगे ब्रिक्स समूह में RUSSIA ही एकमात्र विकसित देश है अन्यथा उसके अलावा सभी विकासशील देश माने जाते हैं जो कि बहुत तेजी से विकास की राह पर चल पड़े हैं। यदि जनसंख्या की बात की जाए तो ब्रिक्स देश विश्व की लगभग 45% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं।

BRICS समूह का उद्देश:

जैसा कि आपको बताया गया है कि BRICS देश हमेशा सही विकास के रास्ते पर चलते हैं वह धीरे-धीरे वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं यदि इनके उद्देश्य की बात की जाए तो निम्नलिखित हम इनके उद्देश को आपको बताने जा रहे हैं:

  • ब्रिक्स समूह का पहला उद्देश्य यह है कि उसमें शामिल सभी पांचों देश आपस में एकजुट होकर किसी भी मसले को निफ्ट आएंगे।
  • यदि BRICS समूह में शामिल किसी भी देश की स्थिति ऐसी हो जाती है जिससे उसे आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पीछे रहना पड़ता है तो समूह के अन्य देश उसे आर्थिक तौर पर सहायता प्रदान करेंगे जिससे वह फिर से अपने स्तर पर बराबर हो सके।
  • BRICS में शामिल उद्देश्यों में से सबसे बड़ा उद्देश्य है कि यह आपस में व्यापार को बढ़ावा देंगे तथा आयात निर्यात को सुचारू रूप से जारी रखेंगे।
  • यदि समूह में शामिल किसी देशों में आपस में कोई मतभेद या विवाद हो जाता है तो उसे निपटाने के लिए अन्य देश हस्तक्षेप करके उन्हें उन हालात से निकालेंगे।

BRICS शिखर सम्मेलन क्या है?

BRICKS समूह की सफलता का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि 2009 में स्थापना होने के बाद अब तक उसने हर वर्ष की तरह 13वा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन करा चुका है जो कि प्रत्येक वर्ष पर किया जाता है ये SHIKHAR SAMMELAN राजनीतिक सामाजिक सांस्कृतिक वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तथा उनकी समीक्षा करने के लिए किया जाता है जिसमें हर बिंदु पर चर्चाएं की जाती है तथा उसके साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों को भी उजागर किया जाता है इस सम्मेलन में पांचों ही देशों के अध्यक्ष शामिल होते हैं जो अलग अलग BRICS अध्यक्ष के रूप में हर देश के प्रतिनिधि प्रत्येक वर्ष अध्यक्षता करते है।जोकि हर मुद्दों पर अपनी राय स्पष्ट तौर पर रखते हैं प्रत्येक वर्ष ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कराने का यही उद्देश्य होता है कि पांचों देश आपस में आर्थिक एवं सामाजिक संबंध को बनाए रखें तथा सदैव एक दूसरे की सहायता के लिए प्रतिबद्ध रहे।

BRICS समूह का बुनियादी ढांचा

समूह में शामिल देश: 5

देश के नाम: ब्राजील,रूस,भारत,चीन, साउथ अफ्रीका

अबतक हुए सम्मेलन: 13

पहला सम्मेलन: 16 जून 2009,रूस

अंतिम सम्मेलन: 9 सितंबर 2021,भारत(वर्चुअल बैठक)

उद्देश:राजनीतिक सुरक्षा,आर्थिक,वित्तीय, सांस्कृतिक,सामाजिक,वैश्विक व्यवस्था को बनाए रखना

BRICS शिखर सम्मेलन की स्थापना कब हुई?

जैसा कि आपको बताते चलें कि BRICS की चर्चा सबसे पहले 2001 में अर्थशास्त्री JIM O’NEILL के द्वारा ब्राजील रूस इंडिया और चाइना की उभरती हुई शक्तियों को देखते हुए की गई थी जिसके बाद इन चारों देशों के विदेश मंत्रियों के द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा कि वह 2006 में जो हुई थी उसमें अनौपचारिक राजनयिक समन्वय स्थापित किया था तथा उसके बाद दिसंबर 2010 को एक न्योता के तहत दक्षिण अफ्रीका को भी शामिल कर लिया गया जिसके बाद इन देशों का पूरा नाम BRICS पड़ गया जोकि इनके नाम के पहले लेटर से मिलकर बनाया गया था जैसे की B से BRAZIL, R से RUSSIA से INDIA, C से CHINA & S से SOUTH AFRICA जो की B.R.I.C.S होता है।उसके बाद 2010 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुवात की गई जोकि प्रत्येक वर्ष किया जाता है परंतु गत दो वर्ष पहले कोरोना महामारी के कारण शिखर सम्मेलन को स्थगित करना पड़ा था।

BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन और तिथि

जैसा की आपको बताया गया की ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन प्रत्येक एक वर्ष पर किया जाता है जिसमे शामिल पांचों सदस्य देश हिस्सा लेते है जोकि अबतक 13 बार हो चुका है निम्नलिखित हम आपको सभी सम्मेलन की तिथिवार तरीके से आपको जानकारी साझा करने जा रहे है।

List of BRICS SUMMIT

क्रम संख्यासम्मेलन तिथिमेजबान देशसम्मेलन स्थलअध्यक्षता
पहला16 जून 2009Russiaयेकातेरिनबर्गदिमित्री मेदवेदेव
दूसरा15 अप्रैल 2010Brazilब्रासीलियालुइज़ इनसिओ
तीसरा14 अप्रैल 2011Chinaसान्याहू जिंताओ
चौथा29 मार्च 2012Indiaनयी दिल्लीमनमोहन सिंह
पांचवां26 मार्च 2013SouthAfricaडरबनजैकब जुमा
छठवां4 जुलाई 2014Brazilफोर्टालेज़ादिलमा रूसेफ़
सातवां8 जुलाई 2015Russiaउफ़ाव्लादिमीर पुतिन
आठवां15 अक्टूबर 2016Indiaबेनौलिम(गोवा)नरेंद्र मोदी
नौवां3 सितंबर 2017Chinaज़ियामेनशी जिनपिंग
दसवां25 जुलाई 2018South Africaजोहान्सबर्गसिरिल रामाफोसा
ग्यारहवां13 नवंबर 2019Brazilब्रसालियाजायर बोल्सनारो
बारहवां17 नवंबर 2020Russiaसेंट पीटर्सबर्गव्लादिमीर पुतिन
तेरहवां9 सितंबर 2021Indiaनयी दिल्ली(वर्चुअल)नरेंद्र मोदी

ब्रिक्स में शामिल देशों के नाम और राजधानी

देशराजधानीवर्ष
BrazilBrasilia2006
RussiaMoscow2006
IndiaDelhi2006
ChinaBeijing2006
South AfricaCape Town2010

भारत के लिए BRICS का महत्व:

जैसा कि आपको बताया गया कि ब्रिक्स देश आपस में ही अपनी कार्यशैली के हिसाब से कार्य करते हैं तथा युवाओं देश अपने साथ आर्थिक वैश्विक सामाजिक तथा सांस्कृतिक क्षेत्रों में एक दूसरे को सहायता भी प्रदान करते हैं यदि बाद भारत की जाए तो ब्रिक्स समूह में भारत का बहुत महत्व देखने को मिलता है इससे भारत को भी लाभ पहुंचाने का अवसर प्रदान करता है जो कि हम निम्नलिखित आपको दर्शा रहे हैं।

  • जैसा कि आप पहले से ही जानते हैं कि भारत में सबसे बड़ी समस्या आतंकवाद को लेकर रही है जिसके लिए भारत का BRICS समूह में रहना इस समस्या के निपटारे का हल माना जाता है क्योंकि बाकी चारों देश इस मुद्दे पर सदैव भारत के साथ खड़े रहते हैं।
  • यदि बात जलवायु परिवर्तन खाद्य सुरक्षा की चीजें तो उसके लिए भारत अपने ब्रिक्स समूह के देशों के साथ मिलकर इन सभी क्षेत्रों में कार्य कर रहा है जिससे भविष्य में आने वाली परेशानियों से निपटा जा सके तथा पूर्व में हुई इनसे संबंधित गलतियों को दोबारा ना दोहराए जा सके।
  • भारत देश में किसी भी विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने का कार BRICS के देशों द्वारा किया जा रहा है जिससे भारत में विकास तेजी से सुचारु रुप से चालू है।
  • BRICS के देशों के द्वारा भारत को लगभग 250 मिलियन डॉलर के तौर पर विकास परियोजनाओं को व्यवस्थित रूप से चालू करने के लिए प्रदान किया गया है।

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