हाल ही में सैफ अली खान और रितिक रोशन जैसे महान कलाकारों से सजी हुई फिल्म विक्रम वेदा रिलीज हो चुकी है आज इस आर्टिकल में हम आपको इस महत्वपूर्ण फिल्म के मूवी विधि के बारे में जानकारी देंगे कि क्या रही है दर्शकों की राय और लोगों ने इसे कितना ज्यादा पसंद किया है तो आइए निम्नलिखित हम उन बातों पर चर्चा करते हैं।

एक कहानी सुनोगे सर

जब फिल्म का ट्रेलर लांच हुआ था तो रितिक रोशन को एक कहानी सुनोगे सर जैसा डायलॉग सुनते हुए देखा गया था जी हां हम उसी डायलॉग की बात कर रहे हैं जो काफी क्लाइमेक्स के तौर पर इस्तेमाल किया गया था जो कि राजा विक्रमाजीत और उसके कंधे पर लटके बेताल से संबंधित है विक्रम वेदा का सेंट्रल Point यही से आया है। लखनऊ का आतंक वेदा जिसमें 16 मर्डर किए हुए हैं तो वही एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विक्रम विक्रम नलों का तुरंत सफाया भी करता है जिसने अट्ठारह एनकाउंटर भी किया हुआ है यह दोनों ही आपस में एक दूसरे से टकराते हैं और सत्य को दिखाने में कोई गुरेज भी नहीं करते।

 वही यदि वेदा की बात किया जाए या किसी मिशन पर निकला हुआ है और इसके लिए विक्रम समेत सभी लोग मोहरे के तौर पर है क्या वह है उसका मिशन या फिर सही गलत के बीच की लकीर कहां थोड़ी होती है यह सब जानने के लिए आपको विक्रम वेदा जरूर देखनी पड़ेगी।

Stylish Movie,उम्दा कहानी

यदि देखा जाए तो विक्रम वेदा एक बेहद स्टाइलिश मूवी के तौर पर जानी जाती है क्योंकि इसमें स्लो मोशन में घटते फाइट सीक्वेंस और लखनऊ को बहुत ही बढ़िया तरीके से कैप्चर किया गया है इसके साथ ही साथ सिनेमैटोग्राफी और दमदार बीजीएम का संगम भी इसमें काफी ठोस ठोस के भरा गया है ओरिजिनल विक्रम वेदा के हिट होने के खास वजह यही थी कि उसकी कहानी के साथ साथ उसका ट्रीटमेंट लेवल भी काफी हद तक मैच किया गया था यदि स्पेक्टर विक्रम की बात करें तो वह सही गलत को परिभाषित करने के खेल में कंफ्यूज भी होने लगते हैं जिसे वेदा एक कहानियों के तौर पर सुनाता है फिल्म की कहानी काफी दिलचस्प ढंग से दिखाई गई है पहली बार देखने वालों के लिए उत्सुकता बनी रहेगी।

The Hrithik Show

वैसे इस फिल्म को देखने के लिए काफी लोग उतावले भी थे परंतु वही रितिक रोशन की बात की जाए तो उन्होंने अपने किरदार से काफी ईमानदारी के साथ रोल अदा किया है और काफी संतोषजनक साबित भी हुए हैं उनका स्क्रीन पर काफी उम्दा एक्शन सींस है जो कि खूब जचता है इस बात से आप साथ समझ सकते हैं कि जब जब वह स्क्रीन पर दिखाई देते हैं तब तक पब्लिक शोर के साथ उनका स्वागत भी करती है हालांकि उनसे पुरबिया बोली बुलवाने का आईडिया काफी हद तक गलत लगता है क्योंकि उस रोल में वक्त काफी ज्यादा जस्ट नहीं सके और कई बार हास्यास्पद भी रहे इसके बाद भी रितिक रोशन कन्विंसिंग लगते हैं और उन्होंने अपने रोल में काफी ज्यादा मेहनत भी की थी।

Saif Ali Khan Character

Secred गेम्स में स्पेक्टर ताज का रोल निभा चुके सैफ अली खान इस बार पगड़ी तो नहीं पहने थे परंतु दमदार डायलॉग और अपने दमदार एक्टिंग की वजह से फिर से लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने में नहीं चूके इन्होंने एक तौर पर अपनी डायलॉग डिलीवरी दी और हमेशा से ही अपनी एक्टिंग से लोगों को मनमोहित भी करते रहे हैं कुछ एक जगह इन्होंने डायलॉग डिलीवरी में समय तो लिया परंतु अपने एक्टिंग के दम पर वह उसे पीछे भी छोड़ते गए।

Supporting Cast का प्रभावशाली न होना

 हालांकि यदि फिल्म विक्रम वेदा के दिक्कत की बात की जाए तो इसका सपोर्टेड कास्ट ही प्रभावशाली नहीं था क्योंकि ओरिजिनल फिल्म में सपोर्टिंग का स्नेह अपनी हाजिरी दर्ज करवाने में कामयाबी हासिल की थी परंतु वेदा के भाई शतक का किरदार हो या फिर उनकी गर्लफ्रेंड चंदा का विक्रम के दो सब भाषा केदार हो यह सभी बेहतर ढंग से लिखा तो गया था परंतु इसे निभाने में कहीं ना कहीं कोई चुप रह गई सारी भाषाएं का किरदार थोड़ा सा ही था लेकिन थोड़ा स्पेस के साथ उन्होंने एक उम्दा एक्टिंग से लोगों को बेहतर महसूस कराया।

JANKARI CLUB

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