जिस तरह से आपको पता है कि भारत में यदि कोई बड़ा मुद्दा है तो वह बेरोजगारी का है और वर्तमान के हालात को देखते हुए यह प्रतीत होता है कि इस समस्या का समाधान जल्द नहीं हो सकता क्योंकि यदि इसमें सुधार होने की संभावना नजर भी आती है तो प्राकृतिक आपदाओं एवं महा मारियो की वजह से इसमें और ज्यादा वृद्धि देखने को मिलती है जिसकी वजह से भारत के लगभग सभी प्रदेशों में बेरोजगारी एक समस्या बनकर उभरी है यही कारण है कि वर्तमान समय में बहुत से भारतीय जिन्हें अपने देश में रोजगार की संभावना नजर नहीं आ रही है वह विदेशों में जाकर नौकरी करने के लिए विवश है आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बेरोजगारी से संबंधित सभी जानकारियां मुहैया कराएंगे तथा इसके साथ-साथ कारण और इसमें काबू पाया जा सकता है वह भी विस्तार से बताएं सभी जानकारियां पाने के लिए हमारी आर्टिकल के अंत तक हम से जुड़े रहिए।

 

बेरोजगारी(Unemployment) क्या है?

यदि बेरोजगारी को हम सरल भाषा में समझे तो हम सीधे-सीधे यह कह सकते हैं कि कोई भी व्यक्ति जो अपनी योग्यता के हिसाब से काम करने के योग्य हो परंतु उसे किसी भी प्रकार का कार्य अथवा नौकरी नहीं मिल रही है या फिर वह इन सब हालातों से यूज कर दिहाड़ी मजदूरी के बराबर वेतन पर कार्य करने का इच्छुक हो परंतु उसके बाद भी उसे ऐसा कोई कार्य अथवा नौकरी नहीं प्राप्त हो रही है तो उसे हम बेरोजगारी कहते हैं और वर्तमान समय में भारत की सबसे बड़ी समस्या है क्योंकि यहां पर पढ़े-लिखे ग्रेजुएट इंजीनियर पोस्ट ग्रेजुएट किए हुए विद्यार्थियों को नौकरी से वंचित रहना पड़ा है जिससे हर साल बेरोजगार युवकों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है परंतु कोरोना जैसी महामारी के कारण जिन लोगों का रोजगार था उन्हें भी अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ गया।

 

बेरोजगारी दर क्या होती है?

बेरोजगारी दर किसी भी जगह पर उसकी जनसंख्या तथा वहां रह रहे बेरोजगार के अनुपात पर मापी जाती है जिससे जहां जितने अधिक बेरोजगार होते हैं वहां की बेरोजगारी दर अधिकतम होती है यदि भारत की बात करें तो करो ना महामारी के बाद से यहां पर बेरोजगारी दर में वृद्धि हुई थी परंतु मौजूदा सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के मुताबिक जनवरी 2022 में भारत की बेरोजगारी दर में कमी देखने को मिली है जोकि वर्तमान समय में 6.57 फीसदी आंकी गई है। यह बेरोजगारी दर मार्च 2021 के बाद से पहली बार निचले स्तर पर आई है। यदि भारत के शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी दर की बात करें तो यह 8.16 फीसदी आंकी गई है तथा उसके साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ये 5.84 फीसदी के साथ निचले स्तर पर आई है जो काफी राहत की बात है।

भारत में बेरोजगारी बढ़ने का कारण(Causes of Unemployment)

भारत में बेरोजगारी बढ़ने का बहुत सा ऐसा कारण है जिसकी वजह से हमेशा ही बेरोजगारी दर में वृद्धि देखने को मिलती रही है जैसे पिछले ही साल कोरोना महामारी के दौर में बेरोजगारी दर अपने उच्च स्तर पर थी इसी के साथ हम निम्नलिखित बेरोजगारी बढ़ने के कुछ कारण बताने जा रहे हैं।

 

वृद्धि दर में कमी

किसी भी देश में उसके आगे बढ़ने की संभावना तभी होती है जब वहां की वृद्धि दर में बढ़त देखने को मिले परंतु वर्तमान समय में भारत में वृद्धि दर में कमी देखने को मिली है जिसमें किसी भी क्षेत्र में सामानों के आयात निर्यात में कमी आई है तथा उनके निर्माण में पिछले की भांति वृद्धि ना देख कर कमी देखने को मिली है जिस वजह से बेरोजगारी बढ़ रही है काम ज्यादा होगा तो लोगों को रोजगार भी उतना ही ज्यादा प्राप्त होगा परंतु यदि काम में कमी देखने को मिलेगी तो बेरोजगारी दर भी उतनी ही बढ़ेगी।

 

जनसंख्या में वृद्धि

भारत में जो सबसे अधिक समस्या मानी जाती है तो वह जनसंख्या में वृद्धि की मानी जाती है जिसे हम आमतौर की भाषा में विस्फोटक जनसंख्या वृद्धि भी कहते हैं साल 2011 की जनगणना में भारत विश्व में दूसरे नंबर पर 130 करोड़ जनसंख्या के साथ स्थापित था परंतु जिस हिसाब से जनसंख्या में वृद्धि देखने को मिल रही है इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह वर्तमान समय में डेढ़ सौ करोड़ जनसंख्या पार कर चुका है तथा उसके साथ साथ 2030 तक यह 200 करोड़ जनसंख्या के साथ विश्व का सबसे बड़ा देश जनसंख्या के हिसाब से माना जाएगा और यदि जनसंख्या की रुकावट के लिए पहल नहीं की गई तो यह बेरोजगारी दर को बढ़ाने में सबसे बड़ा साधन प्रयुक्त माना जाएगा।

 

शिक्षा में कमी,साक्षरता दर में गिरावट

आज के दौर में किसी भी देश को मजबूत होने के लिए वहां का शिक्षा का स्तंभ सबसे पहले मजबूत होना चाहिए परंतु यदि भारत की बात की जाए तो यहां पर शिक्षा व्यवस्था हमेशा से ही लचर रही है शहरी क्षेत्रों में तो कुछ व्यवस्था ठीक है परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में यह काफी लचर प्रदर्शन देखने को मिला है वर्तमान समय में भारत में लगभग 78% साक्षरता दर है जिसमें बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में आज भी साक्षरता दर बहुत कम देखने को मिली है जिन वजह से बेरोजगारी दर में वृद्धि होती है यदि बात की जाए तो राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार वहां की साक्षरता दर 73.5 आंकी गई है और शहरी क्षेत्र की साक्षरता दर 87.7 आंकी गई है इस हिसाब से ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी शिक्षा के अवसर को और अधिक बढ़ावा देना चाहिए।

 

रोजगार के लिए अवसर की कमी

जैसा कि उपरोक्त आपको बताया गया है कि वर्तमान समय में भारत में ग्रेजुएट पोस्ट ग्रैजुएट इंजीनियर एमबीए आदि की अभ्यार्थी रोजगार की समस्या से जूझ रहे हैं परंतु समय पर भर्ती ना होने की वजह से इनमें एक साहस टूटता जा रहा है यदि सही तरीके से सरकार के द्वारा रोजगार मुहैया कराया जाए तथा इन्हें अवसर प्रदान किया जाए तो बेरोजगारी दर में कमी देखने को मिल सकती है परंतु लगभग सभी प्रदेशों का यही हाल है कि वहां पर हमेशा से ही रोजगार के अवसर में कमी देखने को मिली है।

प्राकृतिक आपदा एवं महामारीयों के कारण

जैसा कि आप जानते है कि अभी पिछले 2 सालों में जिस तरह से कोरोना महामारी से लगभग पूरा विश्व झूठा है उससे अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह से बेरोजगारी लगभग सभी जगह बड़ी है इसी के साथ-साथ भारत में भी बेरोजगारी दर में बहुत वृद्धि हुई है इस महामारी के कारण, परंतु कुछ प्राकृतिक आपदाओं की वजह से भी बहुत सी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं जिन वजहों से बेरोजगारी अपनी चरम सीमा पर होती है ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का आ जाना तथा कई कई गांव डूब जाते हैं जिससे वहां पर साधन संसाधन की कमी देखने को मिलती है और इन्हीं सब कारणों से व्यक्ति मानसिक एवं शारीरिक रूप से पीड़ित हो जाता है और वह रोजगार करने की स्थिति में नहीं रह पाता।

 

बेरोजगारी रोकने के लिए सुझाव

जिस तरह से उपरोक्त हमने आपको बेरोजगारी दर बढ़ने का कारण स्पष्ट रूप से बताया है इतना ही नहीं इसके अलावा भी बहुत से ऐसे कारण हैं जिसके द्वारा बेरोजगारी दर अपने उच्च स्तर पर बढ़ती रहती है उनमें से कुछ हमने आपको बता दिए हैं परंतु निम्नलिखित हम आपको बेरोजगारी रोकने के लिए कुछ सुझाव बताएंगे जिसके द्वारा यदि सरकार इन सुझाव पर ध्यान दें तो बेरोजगारी दर को कम किया जा सकता है।

नियमित तौर पर भर्तियां करें

जैसा कि आपको पता है कि वर्तमान समय में भारत में ऐसी बहुत सी नौकरियां अथवा भर्तियां सरकारी आती है जो समय पर पूरी नहीं हो पाती है जिन वजह से आने वाली भर्तियां भी देर से आती है और यही कारण है कि बहुत से अभ्यार्थी ओवरब्रिज हो जाते हैं तथा उन्हें अपनी आयु सीमा में छूट ना मिलने के कारण भर्तियों से वंचित रह जाना पड़ता है इसलिए सरकार को नियमित भर्ती पर गौर करना चाहिए तथा समय-समय पर सरकारी भर्तियों को लाकर बेरोजगारी दर में कमी करनी चाहिए यह सबसे अच्छा तरीका माना जाएगा।

शिक्षा को बढ़ावा देना

वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को लेकर ज्यादा जागरूकता नहीं दिखती है उसके लिए सरकार को वहां पर अपने कुछ ऐसे अधिकारियों को नियुक्त करना चाहिए जो वहां की साक्षरता दर को बढ़ा सकें तथा वहां के ग्रामीणों को शिक्षा का महत्व समझा सके ऐसे यदि सभी को एक समान शिक्षा प्राप्त होगी तो इसमें रोजगार मिलने में आसानी होगी और शुरुआती तौर पर यदि शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य किया जाए तो इसका असर हमें दिखाई दे सकता है।

आर्थिक वृद्धि दर में बढ़ावा

सबसे पहले भारत को अपने आर्थिक वृद्धि दर में बढ़ावा करना होगा जिसके लिए सरकार को अपनी कुछ योजना के तहत कार्य करना होगा तथा देश में बाहर जाने वाले सामानों को उच्च स्तर पर निर्मित करना होगा जिससे देश की जीडीपी बढ़ेगी और रोजगार का अवसर भी बढ़ेगा उसके साथ साथ भारत में बड़े-बड़े कंपनियों के प्लांट भी लगवाने चाहिए जिससे रोजगार में वृद्धि देखने को मिलेगी।

बड़ी कंपनियों को उद्योग लगाने का अवसर प्रदान करें

यदि भारत में बड़ी-बड़ी कंपनियां जगह जगह पर अपना उद्योग लगाएंगे तो उसके लिए उसे कर्मचारी की जरूरत पड़ेगी जो उसे भारत में ही मिल जाएंगे ऐसी स्थिति में रोजगार तेजी से बढ़ेगा और ज्यादा तादाद में कंपनियां जब अपना उद्योग लगाएंगे तो रोजगार भी ज्यादा तादाद में बढ़ेगा ऐसे सरकार को अपनी नीतियों के तहत बड़ी-बड़ी कंपनियों को अपने इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योग लगाने का अवसर प्रदान करना चाहिए।

लघु एवं कुटीर उद्योग को बढ़ावा देना

जैसा कि आपको पता है कि भारत की आधी से ज्यादा आबादी ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती है तथा वहां लघु एवं कुटीर उद्योग का ज्यादा महत्व है ऐसे में अगर भारत सरकार के द्वारा लघु उद्योग को बढ़ावा देने के लिए योजना चलाई जाएगी तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार की संभावना बढ़ेगी तथा उन्हें अपने गांव के क्षेत्र को छोड़कर शहरी क्षेत्र में नहीं जाना होगा ऐसी अवस्था में ग्रामीण क्षेत्रों की भी बेरोजगारी दर में कमी देखने को मिलेगी।

निष्कर्ष

जिस तरह से आज आपको हमने बेरोजगारी से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियां मुहैया कराई है तथा उसके साथ-साथ बेरोजगारी दर में वृद्धि का कारण तथा उसे रोकथाम के उपाय सुझाव के बारे में भी जानकारियां मुहैया कराई है यदि इन सब बातों पर सरकार के द्वारा गौर किया जाए तो बेरोजगारी दर में कमी की जा सकती है इसलिए इस लेख का मुख्य उद्देश्य ही था की विस्तृत जानकारी आप लोगों तक पहुंच सके तथा वर्तमान समय में रोजगार के लिए जागरूक होना अति आवश्यक हो गया है।

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10 thoughts on “बेरोजगारी क्या है? (unemployment)बेरोजगारी दर बढ़ने का कारण तथा उसे रोकने का सुझाव क्या है?”
  1. Thank you so much for highlighting this topic….
    Hope to see you forward with some more interesting topic 🙂
    ❤️

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